NCERT 6th to 12th History Notes For Upsc ( 1 ) दिल्ली के सुल्तान एवं मुगल वंश

NCERT 6th to 12th History Notes For Upsc ( 1 ) दिल्ली के सुल्तान एवं मुगल वंश
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NCERT 6th to 12th History Notes For Upsc ( 1 ) दिल्ली के सुल्तान एवं मुगल वंश

1206 ई. से 1526 ई. तक दिल्ली पर कुल 5 वंशों ने 320 वर्षों तक शासन किया। इसमें सर्वाधिक समय तक तुगलक वंश (94 वर्ष) एवं सबसे कम शासन काल खिलजी वंश (30 वर्ष) का शासन रहा।

·  शासकों में बहलोल लोदी (38 वर्ष) ने सर्वाधिक समय तक शासन किया। तदुपरान्त फिरोज तुगलक का कार्यकाल रहा जिसने कुल 37 वर्षों तक शासन किया।

·  नासिरुद्दीन खुसरोशाह, गयासुद्दीन तुगलक, फिरोज तुगलक एवं  सिकन्दर लोदी न हिन्दू माँ की सन्तान थे।

·  सल्तनत में सबसे बड़ा साम्राज्य मुहम्मद बिन तुगलक का था। उसका साम्राज्य कुल 23 प्रान्तों में विभाजित था।

·  दिल्ली सल्तनत का अन्तिम तुर्की सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद था जो कि तुगलक वंश का भी अन्तिम सुल्तान था।

·  पहले तोमर राजपूतों के काल में दिल्ली (12वीं सदी के मध्य) में तोमरों की राजधानी बनी किन्तु अजमेर के चौहानों ने इन्हें परास्त किया और दिल्ली व्यापार का केन्द्र बनी।

·  13वीं सदी के आरम्भ में दिल्ली सल्तनत की स्थापना हुई और इसके साथ ही दिल्ली एक राजधानी बन गई।

दिल्ली के सुल्तानों के बारे में जानकारी:-

·  दिल्ली के सुल्तानों के बारे में अभिलेखों, सिक्कों और स्थापत्य के माध्यम से काफी सूचना मिलती है।

पाण्डुलिपि को तैयार करने के चार चरण:-

(i) कागज तैयार करना

(ii) लेखन कार्य

(iii) महत्त्वपूर्ण शब्दों और अनुच्छेदों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए सोने को पिघलाकर उसका प्रयोग

(iv) जिल्द तैयार करना।

दिल्ली सल्तनत का विस्तार- गैरिसन शहर से साम्राज्य तक:-

·  13वीं शताब्दी के आरम्भिक वर्षों में दिल्ली सुल्तानों का शासन गैरिसनों के निवास के लिए बने मजबूत किलेबन्द शहरों से परे शायद ही कभी फैला हो।

भीतरी प्रदेश:-

·  किसी शहर या बन्दरगाह के आस-पास के इलाके जो उस शहर के लिए वस्तुओं और सेवाओं की पूर्ति करें।

गैरिसन शहर:-

·  किलेबन्द बसाव, जहाँ सैनिक रहते हैं।

मस्जिद:-

·  यह अरबी का शब्द है, जिसका अर्थ है-ऐसा स्थान जहाँ मुसलमान अल्लाह की अराधना में सजदा (घुटने और माथा टेक कर ) करते हैं।

जामा मस्जिद:-

·  वह स्थान, जहाँ अनेक मुसलमान एकत्र होकर साथ- साथ नमाज पढ़ते हैं।

खिलजी और तुगलक वंश के अन्तर्गत प्रशासन और समेकन:-

·  दिल्ली सल्तनत जैसे विशाल साम्राज्य के समेकन के लिए विश्वसनीय सूबेदारों तथा प्रशासकों की जरूरत थी। दिल्ली के आरम्भिक सुल्तान गुलामों को रखते थे। इन्हें सैनिक सेवा के लिए खरीदा जाता था। चूँकि ये (गुलाम) पूरी तरह मालिक पर निर्भर होते थे। इसलिए सुल्तान भी विश्वास करके उन पर निर्भर हो सकते थे।

कर:-

·  सल्तनत काल में कर तीन प्रकार के होते थे-

(i) कृषि कर – जिसे खराज कहा जाता था। जो किसान की उपज का लगभग 50% होता था

(ii) मवेशियों पर

(iii) घरों पर

15वीं और 16वीं शताब्दी में सल्तनत:-

·  तुगलक वंश के बाद 1526 तक दिल्ली तथा आगरा पर सैयद तथा लोदी वंश का राज्य रहा। तब तक जौनपुर, बंगाल, मालवा, गुजरात, राजस्थान तथा पूरे दक्षिण भारत में स्वतन्त्र शासक उठ खड़े हुए थे। इसी काल में अफ़गान तथा राजपूतों के नए शासक उभरें।

शेरशाह सूरी (1540-1545):-

·  1540-1545 तक दिल्ली में शेरशाह सूर का साम्राज्य था।

मुगल वंश

·  1526-1530, 1530-1540, 1555-1556, 1556-1605 तक मुगल वंश ने साम्राज्य का विस्तार किया तथा शेरशाह की प्रशासन व्यवस्था को अपनाया।

·  वंश- चगताई तुर्क ( चंगेज खाँ के द्वितीय पुत्र के नाम पर था।)

·  मातृभाषा – चगताई तुर्की

·  राजभाषा – फारसी

·  संस्थापक – बाबर

·  वास्तविक संस्थापक – अकबर

·  सर्वाधिक समय तक शासन- अकबर, तदुपरान्त औरंगजेब

·  अकबर ने 49 वर्ष, 8 माह, 11 दिन शासन किया।

·  औरंगजेब ने 48 वर्ष, 7 माह, 11 दिन तक शासन किया।

·  सबसे कम समय तक शासन –

1. रफी-उद-जात (3 माह, 7 दिन)

2. रफी-उद-दौला (3 माह, 11 दिन)

·  हिन्दू माँ की सन्तान शासक – जहाँगीर एवं शाहजहाँ

·  उत्तर मुगल काल में हिन्दू माँ की सन्तान शासक- बहादुरशाह प्रथम, अहमद शाह, बहादुर शाह द्वितीय

मुगल:-

·  मुगल दो महान शासक वंशों के वंशज थे। माता की ओर से वे मंगोल शासक चँगेज खान के उत्तराधिकारी थे। पिता की ओर से तैमूर के वंशज थे।

मुगल सैन्य अभियान:-

·  प्रथम मुगल शासक बाबर (1526-1530 ई.) ने 1526 ईस्वी में दिल्ली के सुलतान इब्राहिम लोदी को पानीपत में हराया एवं दिल्ली और आगरा पर कब्जा कर लिया।

बाबर की जीत के कारण:-

·  16वीं शताब्दी के युद्धों में तोप और गोलाबारी का प्रयोग किया था। बाबर ने ही भारत में पहली बार बारूद का प्रयोग किया था।

मुगल सम्राट – प्रमुख अभियान एवं घटनाएँ:-

बाबर (1526-1530):-

·  1526 ई. में पानीपत के मैदान में इब्राहिम लोदी को हराया। 1527 ईस्वी में खानवा में राणा सांगा ने राजपूत राजाओं को परास्त किया। 1528 ईस्वी में चंदेरी में राजपूतों को हराया।

हुमायूँ (1530- 1540 एवं 1555 1556 ईस्वी):-

(i)  हुमायूँ ने अपने पिता की वसीयत के अनुसार जायदाद का बँटवारा किया।

(ii)  उसने अपने भाइयों को हिस्सेदार बनाया।

(iii)  शेरखान ने हुमायूँ को दो बार हराया। 1539 ई. में चौसा के युद्ध में तथा 1540 ईस्वी में कन्नौज के ‘युद्ध में।

(iv)  ईरान में हुमायूँ ने सफाविद की मदद ली और 1555 ई. में दिल्ली पर पुनः कब्जा कर लिया। परन्तु अगले वर्ष उसकी दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

अकबर (1556- 1605 ई.):-

(i) 13 वर्ष की आयु में अकबर सम्राट बना।

(ii) 1556-1570 ईस्वी तक बैरम खान के संरक्षण में शासन किया।

(iii) 1570-1585 ईस्वी के मध्य गुजरात के विरुद्ध सैनिक अभियान हुए।

(iv) 1585-1605 ईस्वी तक अकबर ने साम्राज्य विस्तार किए।

जहाँगीर (1605-1627 ईस्वी):-

  जहाँगीर ने अकबर के सैन्य अभियानों को आगे बढ़ाया।

शाहजहाँ (1627-1658 ईस्वी):-

(i)  दक्कन में शाहजहाँ के अभियान जारी रहे। उसने अहमदनगर बीजपुर को अपने अधीन किया।

(ii)  1657-58 इस्वी में शाहजहाँ के पुत्रों में उत्तराधिकार को लेकर विद्रोह हुआ जिसमें औरंगजेब की विजय हुई उसने शाहजहाँ को आगरा में कैद कर लिया।

औरंगज़ेब ( 1658 – 1707 ई.):-

(i)  1663 ईस्वी में उत्तर-पूर्व में अहोमों को पराजित किया। इसके समय में युसफजाई और सिखों, जाटों और मराठों के विद्रोह हुए।

(ii)  1685 ई. में बीजापुर 1687 ईस्वी गोलकुण्डा को अपने राज्य में मिला लिया। (iii) 1698 ईस्वी में दक्कन को अपने अधीन किया।

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