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इस सीरीज में हम आपके लिए Economy of India For Upsc अर्थात भारतीय अर्थव्यवस्था के नोट्स टॉपिक अनुसार अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से लेकर आएंगे ताकि प्रत्येक टॉपिक को आप आसानी से एवं सरल भाषा में पढ़ सके आज हम इसमें आपको Indian Economy Notes ( 2 ) अर्थव्यवस्था के प्रकार ( types of economy ) के बारे में बताने वाले हैं इस टॉपिक से बहुत बार परीक्षा में प्रश्न पूछे जा चुके हैं इसलिए इन नोटिस को अच्छे से जरूर पढ़ लेना एवं इसके बाद टेस्ट सीरीज के माध्यम से बनने वाले प्रश्नों के साथ प्रैक्टिस जरूर करें

भारतीय अर्थव्यवस्था सिविल सर्विस परीक्षा ( UPSC ) की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण विषय है जिसे हम संपूर्ण विषय को नोट्स के माध्यम से कर करेंगे ताकि इस विषय के लिए आपकी तैयारी शानदार हो सके

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Indian Economy Notes ( 2 ) अर्थव्यवस्था के प्रकार

1.  विकास के आधार पर (On the Basis of Development)

A.  विकसित अर्थव्यवस्था ( Development Economy )

यह आर्थिक गतिविधियों एवं विकास के एक बेहतर स्तर का प्रतिनिधित्व करता है। उदाहरण के रूप में यू.एस.ए., जापान, पश्चिमी यूरोप जैसे देशों की प्रतिव्यक्ति आय अथवा बेहतर जीवन के आधार पर इन देशों को विकसित देश कहा जाता है।

B.  विकासशील अर्थव्यव्यवस्था ( Developing Economy )

यह विकास की अग्रसर अर्थव्यवस्था का सूचक है। वैसे विश्व की सभी अर्थव्यवस्थाएँ इस श्रेणी में आती है परन्तु इसका प्रयोग वैसी अर्थव्यवस्था को सूचित करने के लिए होता है जो पिछड़ी अवस्था से उच्च विकास की ओर प्रयासरत हैं। उदाहरण के तौर पर भारत, ब्राजील, चीन, आदि विकास की ओर अग्रसर हैं।

C. अल्पविकसित अर्थव्यवस्था ( Under Development Economy )

इस प्रकार की अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान सर्वाधिक होता है तथा अर्थव्यवस्था की निर्भरता प्राथमिक क्षेत्र पर अधिक होती हैं।

2. संसाधनों पर स्वामित्व के आधार पर

A. पूँजीवादी अर्थव्यवस्था ( Capitalist Economy )

इसमें आर्थिक साधनों पर निजी स्वामित्व होता है। इसके अंतर्गत सरकार आर्थिक साधनों के संगठन में अहस्तक्षेप की नीति अपनाती है। यह बाजार की शक्तियों अर्थात् माँग और आपूर्ति के सिद्धांतों के अंतर्गत स्वतंत्र रूप से कार्य करती है। इसे बाजार अर्थव्यवस्था भी कहते हैं। अधिकांश विकसित देशों में पूँजीवादी अर्थव्यवस्था ही पाई जाती है। जैसे – अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस आदि। 

B. गिग अर्थव्यवस्था ( GIG Economy )

· गिग अर्थव्यवस्था को समझने से पहले गिग वर्कर को समझना जरूरी है।

· गिग वर्कर ऐसे कर्मचारी जिन्हें किसी प्रोजेक्ट विशेष को पूरा करने के लिए नियुक्त किया जाता है, उन्हें गिग वर्कर कहा जाता है। इन्हें फ्री-लांसर भी कहा जाता है।

· गिग अर्थव्यवस्था एक ऐसा मॉडल है, जिसमें स्थायी कर्मचारियों के बजाय फ्रीलांसर, अस्थायी कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता है। इसमें ऑनलाइन फर्म जैसे फ्री-लांसर, ब्लॉगर, एफिलिस्ट, मार्केटिंग इत्यादि गतिविधियों में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं।  

C. चक्रीय अर्थव्यवस्था ( Circular Economy )

 चक्रीय अर्थव्यवस्था एक ऐसी अर्थव्यवस्था है जहाँ उत्पादों को इस प्रकार तैयार किया जाता है, जिन्हें पुन: उपयोग और पुन: चक्रण किया जा सकें।

D. आश्रित अर्थव्यवस्था ( Dependent Economy )

वैसी अर्थव्यवस्था जो अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए दूसरी अर्थव्यवस्था पर आधारित हो। वर्तमान भूमण्डलीकरण के युग में सभी अर्थव्यवस्था आश्रित अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं। वर्तमान में नेपाल, भूटान आदि अल्पविकसित देश इस प्रकार की अर्थव्यवस्था के उदाहरण है।

कुछ अन्य अर्थव्यवस्था

 A. नीली अर्थव्यवस्था ( Blue Economy )

●  नीली अर्थव्यवस्था में वे आर्थिक गतिविधियाँ शामिल है, जिसमें समुद्र के संसाधनों का उपयोग इस तरह किया जाता है कि उसमें समुद्री पर्यावरण व्यवस्था को कोई नुकसान न हो।

●  इसमें मछली पालन, समुद्री परिवहन, पर्यटन, एनर्जी और वेस्ट मैनजमेंट आदि शामिल हैं।

● नीली अर्थव्यवस्था में आर्थिक वृद्धि, रोजगार के अवसर में तेजी लाने की क्षमता है। यह नई औषधियों, कीमती रसायनों और प्रोटीन फूट का पता लगाने में मदद करती हैं।

B. समाजवादी अर्थव्यवस्था ( Socialist Economy )

● समाजवादी अर्थव्यवस्था में समस्त आर्थिक गतिविधियों का संचालन एवं नियंत्रण राज्य/सरकार/समुदाय द्वारा किया जाता है, जैसे पूर्व सोवियत अर्थव्यवस्था।

● उत्पादनों के साधनों, उत्पादों एवं वितरण पर सार्वजनिक स्वामित्व होता है।

C.  मिश्रित अर्थव्यवस्था ( Mixed Economy )

 यह पूँजीवादी एवं समाजवादी अर्थव्यवस्था के तत्त्वों का श्रेष्ठ समायोजन है। इसके अंतर्गत आर्थिक संसाधनों के महत्त्वपूर्ण भाग पर सरकार अथवा राज्य का नियंत्रण होता है। मिश्रित अर्थव्यवस्था की संकल्पना जाँच मेनार्ड कीन्स के विचारों से प्रेरित है। (वर्ष 1929 की महामंदी)

3. विकास की रणनीति के आधार पर

A. योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था ( Planned Economy )

 यह अर्थव्यवस्था के विकास की एक सुविचारित रणनीति है। यह नियोजित रूप में अर्थव्यवस्था के विकास की दिशा को निर्धारित करता है। इसके अंतर्गत अल्प, मध्य एवं दीर्घ अवधि की योजना हो सकती है। इसका उदाहरण मुख्यत: समाजवादी अर्थव्यवस्थाओं में देखा जा सकता है।

B.  गैर योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था ( Unplanned Economy )

 जिस अर्थव्यवस्था के विकास के लिए कोई योजना नहीं बनाई जाती है, वह गैर योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था के अंतर्गत आती है।

4. विदेशी सम्बन्धों के आधार पर

A.  बंद अर्थव्यवस्था ( Closed Economy )

 बंद अर्थव्यवस्था के अंतर्गत एक अर्थव्यवस्था, शेष विश्व के साथ किसी भी प्रकार की विदेशी व्यापार की क्रिया सम्पन्न नहीं करता है। इसकी सभी आर्थिक क्रियाएँ एक देश की सीमा के भीतर ही होती हैं।

B.  खुली अर्थव्यवस्था ( Open Economy )

यह बंद अर्थव्यवस्था के विपरीत नियंत्रण मुक्त अर्थव्यवस्था है, जो प्रतियोगिता को प्रोत्साहित करता है। यह अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ निकटतम संबंध सहयोग एवं संलग्नता पर बल देती है।

Indian Economy Notes ( 2 )भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषताएँ

· खराब ढाँचागत विकास – एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को बुनियादी ढाँचे में लगभग 100 मिलियन डॉलर की आवश्यकता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूरी आबादी को बिजली का लाभ मिले, सुरक्षित पेयजल मिले और उचित स्वच्छता सेवाएँ मिले।

· अपूर्ण बाजार – भारतीय बाजारों में बहुत सी खामियाँ हैं, जिनका आसानी से फायदा उठाया जा सकता है।

· प्रति व्यक्ति आय कम – किसी भी देश का राजस्व जनसंख्या की क्रय शक्ति पर अत्यधिक निर्भर होता है, वे जितना अधिक खर्च करेंगे या उत्पाद खरीदेंगे, राष्ट्र के राजस्व में उतनी ही अधिक वृद्धि होगी।

· जनसंख्या वृद्धि की उच्च दर – विशाल जनसंख्या के साथ संसाधनों की भी आवश्यकता होती है। जनसंख्या की दृष्टि से भारत विश्व का सबसे बड़ा देश है। इस आबादी को राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए शिक्षा, भोजन, परिवहन, जल संसाधन, रोजगार और अन्य बुनियादी आवश्यकताओं की आवश्यकता है।

· गरीबी – यह कहा गया है, “यदि कोई राष्ट्र गरीब है तो वह गरीब होगा” और यह एक अंतहीन सिलसिला है। गरीबी की ऐसी खामियाँ हमेशा किसी देश की प्रगति में बाधा बनती हैं और किसी देश को विकसित राष्ट्र के रूप में गिना जाने के लिए यह एक प्रमुख मुद्दा है।

· उन्नत प्रौद्योगिकी – भारत में किए जाने वाले अधिकांश कार्य श्रम प्रधान कार्य हैं। इस प्रकार, उद्योगों के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी और देश में उपयोग में आने वाली प्रौद्योगिकी के बीच बहुत बड़ा अंतर है।

· आय असमानता – देश में धन का 1 प्रतिशत संकेन्द्रण अत्यधिक केंद्रित है और यह देश की 1% आबादी के पास है। इस 1% आबादी के पास देश की 55% संपत्ति है।

· कृषि आधारित अर्थव्यवस्था

· निष्कर्ष – भारतीय अर्थव्यवस्था एक विकासशील अर्थव्यवस्था है, जिसका लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2025 के अंत तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।

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अंतिम शब्द

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उम्मीद करते हैं इस पोस्ट में हमने Indian Economy Notes ( 2 ) अर्थव्यवस्था के प्रकार टॉपिक के लिए आपको नोट्स उपलब्ध करवाए हैं यह आपको अच्छे लगे होंगे और आशा करते हैं यह आपको आपकी आगामी परीक्षा में जरूर काम आएंगे इसलिए अन्य विद्यार्थियों तक भी आप इसे जरूर शेयर करेंशेयर करने के लिए पोस्ट के ऊपर शेयर बटन पर क्लिक करें