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 राजस्थान का एकीकरण कुल 7 चरणों में हुआ एकीकरण के समय 19 रियासतें,  3 ठिकाने व 1 केंद्र शासित प्रदेश इस पोस्ट में आपको राजस्थान का एकीकरण के 7 चरण | Rajasthan Ka akikaran Notes in Hindi के बारे में विस्तार से पढ़ने को मिलेगा इससे पहले हमने राजस्थान के एकीकरण से संबंधित सामान्य जानकारी आपको उपलब्ध करवाई थी

राजस्थान की सभी  प्रतियोगी  परीक्षाओं  में Rajasthan General Knowledge in Hindi एक अपनी अहम भूमिका निभाता है अगर आप राजस्थान जनरल नॉलेज नहीं पढ़ते हैं तो निश्चित ही परीक्षा में आपको असफलता मिलती है लेकिन हम आपके लिए सामान्य ज्ञान के नोट्स निरंतर उपलब्ध करवाते रहते हैं और आज हम आपके लिए Utakrsh Rajasthan Gk Notes Pdf राजस्थान का एकीकरण  के नोट्स उपलब्ध करवा रहे हैं

राजस्थान का एकीकरण के 7 चरण | Rajasthan Ka akikaran Notes in Hindi

♦ प्रथम चरण :- मत्स्य संघ

  • विलय – 18 मार्च, 1948  
  • चार रियासतें व एक ठिकाने का विलय
  • रियासतें – अलवर, भरतपुर, धौलपुर व करौली
  •  ठिकाना – नीमराणा
  • राजधानी – अलवर
  • राजप्रमुख – उदयभानसिंह (धौलपुर)
  • उपराजप्रमुख – गणेशपाल देव (करौली)
  • प्रधानमंत्री – शोभाराम कुमावत (अलवर प्रजामंडल के नेता)
  • मंत्रिमण्डल – युगलकिशोर चतुर्वेदी, मास्टर भोलानाथ, गोपीलाल यादव, डॉ. मंगलसिंह व चिरंजीलाल शर्मा।
  • मत्स्य संघ नाम की सिफारिश – के.एम. मुंशी
  • उद्घाटन – नरहरि विष्णु गॉडगिल
  • स्थान – लोहागढ़ दुर्ग, भरतपुर
  • औसत वार्षिक आय – 184 लाख रु.
  • जनसंख्या – 18 लाख 37 हजार 994
  • क्षेत्रफल – 12000 वर्ग किमी.

♦ द्वितीय चरण :- राजस्थान संघ/पूर्वी राजस्थान

  • विलय – 25 मार्च, 1948
  • 9 रियासतें तथा एक ठिकाने का विलय
  • रियासतें – बाँसवाड़ा, डूँगरपुर, प्रतापगढ़, शाहपुरा, किशनगढ़, टोंक, बूँदी, झालावाड़ व कोटा।
  • ठिकाना – कुशलगढ़
  • राजधानी – कोटा
  • राजप्रमुख – कोटा महाराव भीमसिंह
  • वरिष्ठ उपराजप्रमुख – बूँदी महाराव बहादुरसिंह
  • कनिष्ठ उपराजप्रमुख – डूँगरपुर महारावल लक्ष्मणसिंह
  • प्रधानमंत्री – गोकुललाल असावा (शाहपुरा)
  • उद्घाटन – नरहरि विष्णु गॉडगिल, कोटा दुर्ग में किया गया।
  • बाँसवाड़ा शासक चन्द्रवीरसिंह ने एकीकरण विलय पत्र पर हस्ताक्षर करते समय कहा था- “मैं अपने डेथ वारन्ट पर हस्ताक्षर कर रहा हूँ।“
  • औसत वार्षिक आय – 2.06 करोड़
  • कुल क्षेत्रफल – 16807 वर्ग किमी.
  • कुल जनसंख्या – 23.5 लाख

♦ तृतीय चरण :- संयुक्त राजस्थान

  • विलय – 18 अप्रैल, 1948
  • पूर्वी राजस्थान + उदयपुर
  • राजधानी – उदयपुर
  • राजप्रमुख – महाराणा भूपालसिंह (मेवाड़)
  • वरिष्ठ उपराजप्रमुख – महाराव भीमसिंह (कोटा)
  • कनिष्ठ उपराजप्रमुख –
    महाराव बहादुरसिंह (बूँदी)
    महारावल लक्ष्मणसिंह (डूँगरपुर)
  • प्रधानमंत्री – माणिक्यलाल वर्मा (मेवाड़)
  • उद्घाटन – जवाहरलाल नेहरू
  • स्थान – उदयपुर
  • माणिक्यलाल वर्मा ने कहा था कि – “महाराणा भूपालसिंह एवं उनका दिवान मेवाड़ के बीस लाख लोगों के भाग्य का निर्धारण अकेले नहीं कर सकते।”
  • औसत वार्षिक आय – 3.16 करोड़
  • कुल क्षेत्रफल – 29777 वर्गमील
  • कुल जनसंख्या – 42 लाख 60 हजार 918
  • मंत्रिमण्डल – मोहनलाल सुखाड़िया, गोकुललाल असावा, प्रेमनारायण व भूरेलाल बयां, भोगीलाल पण्ड्या, अभिन्न हरि व बृजसुन्दर शर्मा

♦ चतुर्थ चरण :- वृहत् राजस्थान

  • विलय – 30 मार्च, 1949
  • रियासतें – जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर व बीकानेर
  • ठिकाना – लावा 
  • संयुक्त राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर व बीकानेर रियासतों और लावा ठिकाने का विलय। 
  • राजधानी – जयपुर
  • महाराज प्रमुख – महाराणा भूपालसिंह (मेवाड़)  
  • राजप्रमुख – सवाई मानसिंह-द्वितीय (जयपुर)
  • वरिष्ठ उपराजप्रमुख – महाराव भीमसिंह (कोटा)
    महाराजा हनुवन्तसिंह (जोधपुर)
  • कनिष्ठ उपराजप्रमुख – महाराव बहादुरसिंह (बूँदी)
    महारावल लक्ष्मणसिंह (डूँगरपुर)
  • प्रधानमंत्री – हीरालाल शास्त्री (जयपुर)
  • उद्घाटन – सरदार वल्लभभाई पटेल
    स्थान – जयपुर में
  • पी. सत्यनारायण राव समिति के अनुसार निम्नलिखित  विभागों का आवंटन हुआ-
    राजधानी – जयपुर
    न्याय विभाग – जोधपुर।
    शिक्षा विभाग – बीकानेर।
    वन विभाग – कोटा।
    कृषि विभाग – भरतपुर।
    खनिज विभाग – उदयपुर।
  • मंत्रिमण्डल – नरसिंह कच्छवाह, फूलचंद बाफना, हनवंतसिंह, भूरेलाल बयां, रघुवरदयाल गोयल, वेदपाल त्यागी, प्रेमनारायण माथुर व सिद्धराज ढड्‌ढ़ा।
  • सुमनेश जोशी द्वारा प्रकाशित ‘रियासती’ समाचार पत्र में जोधपुर शासक हनुवंतसिंह के पाकिस्तान में मिलने की योजना का पर्दाफाश किया।
  • राममनोहर लोहिया के नेतृत्व में ‘राजस्थान आंदोलन समिति’ का गठन कर जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर व मत्स्य संघ को संयुक्त राजस्थान में सम्मिलित कर एक सुदृढ़ इकाई के गठन की मांग की।
  • राजस्थान दिवस – 30 मार्च

♦ पंचम् चरण :- संयुक्त वृहत् राजस्थान

  • विलय – 15 मई, 1949
  • वृहत् राजस्थान + मत्स्य संघ
  • राजधानी – जयपुर
  • महाराज प्रमुख – महाराणा भूपालसिंह (मेवाड़)  
  • राजप्रमुख – सवाई मानसिंह-द्वितीय (जयपुर)
  • वरिष्ठ उपराजप्रमुख – महाराव भीमसिंह (कोटा)
  • महाराजा हनुवन्तसिंह (जोधपुर)
  • कनिष्ठ उपराजप्रमुख – महाराव बहादुरसिंह (बूँदी)
  •  महारावल लक्ष्मणसिंह (डूँगरपुर)
  • प्रधानमंत्री – हीरालाल शास्त्री (जयपुर)
  • मंत्रिमण्डल – नरसिंह कच्छवाह, फूलचंद बाफना, हनवंतसिंह, भूरेलाल बयां, रघुवरदयाल गोयल, वेदपाल त्यागी, प्रेमनारायण माथुर, शोभाराम कुमावत व सिद्धराज ढड्‌ढ़ा।
  • शंकरदेव राय समिति की सिफारिश पर मत्स्य संघ का विलय वृहत् राजस्थान में किया गया।

♦ षष्ठम् चरण :- राजस्थान

  • विलय – 26 जनवरी, 1950
  • सिरोही (आबू व देलवाड़ा को छोड़कर) का राजस्थान में विलय।
  • राजधानी – जयपुर
  • महाराज प्रमुख – महाराणा भूपालसिंह (मेवाड़)  
  • राजप्रमुख – सवाई मानसिंह-द्वितीय (जयपुर)
  • वरिष्ठ उपराजप्रमुख – महाराव भीमसिंह (कोटा)
    महाराजा हनुवन्तसिंह (जोधपुर)
  • कनिष्ठ उपराजप्रमुख – महाराव बहादुरसिंह (बूँदी)
    महारावल लक्ष्मणसिंह (डूँगरपुर)
  • प्रधानमंत्री – हीरालाल शास्त्री (जयपुर)
  • मंत्रिमण्डल – नरसिंह कच्छवाह, फूलचंद बाफना, हनवंतसिंह, भूरेलाल बयां, रघुवरदयाल गोयल, वेदपाल त्यागी, प्रेमनारायण माथुर व सिद्धराज ढड्‌ढ़ा।
  • 1 फरवरी, 1948 को सरदार पटेल ने सिरोही का विलय गुजरात में किया।
  • बलवंतसिंह मेहता एवं गोकुल भाई भट्ट के आंदोलन के कारण 26 जनवरी, 1950 को सिरोही को राजस्थान में शामिल किया गया लेकिन आबू व देलवाड़ा क्षेत्र को गुजरात में शामिल कर दिया गया।
  • हीरालाल शास्त्री ने पटेल को पत्र लिखा कि – “सिरोही का अर्थ गोकुल भाई भट्ट है इनके बिना हम राजस्थान नहीं चला सकते।”
  • 26 जनवरी, 1950 को राजस्थान को ‘राजस्थान’ शब्द की संवैधानिक मान्यताएँ प्राप्त हुई।

♦ सप्तम् चरण :- वर्तमान राजस्थान

  • विलय – 01 नवम्बर, 1956
  • राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों पर अजमेर – मेरवाड़ा, माउंटआबू, देलवाड़ा का राजस्थान में विलय।
  • मध्यप्रदेश के सुनेल टप्पा का राजस्थान में और सिरोंज का मध्यप्रदेश में विलय किया गया।
  • राजधानी – जयपुर।
  • मुख्यमंत्री – मोहनलाल सुखाड़िया
  • राज्यपाल – सरदार गुरुमुख निहालसिंह
  • राजप्रमुख पद को समाप्त कर राज्यपाल का पद सृजित किया गया और राज्यों की श्रेणी अ, ब तथा स को समाप्त कर दिया गया।

Rajasthan general knowledge ( राजस्थान का एकीकरण ) Notes

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अंतिम शब्द :

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